भारत सरकार का एक महत्वाकांक्षी कदम, पीएम विद्यालक्ष्मी योजना (PM Vidyalaxmi Yojana), देश के मेधावी छात्रों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा के लिए वित्तीय बाधाओं को दूर करने हेतु शुरू की गई है। शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा संचालित यह योजना, गारंटर-मुक्त और कोलैटरल-मुक्त शिक्षा ऋण प्रदान करती है, जिसका पूरा आवेदन प्रक्रिया सरल, पारदर्शी, छात्र-अनुकूल और पूरी तरह से डिजिटल है।
यह विशेष रूप से उन छात्रों के लिए डिज़ाइन की गई है जिन्होंने देश के शीर्ष 860 गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षण संस्थानों (क्यूएचईआई) में अपने मेरिट के आधार पर प्रवेश पाया है, लेकिन वित्तीय सीमाएँ उनके सपनों के आड़े आ रही हैं। PM Vidyalaxmi Yojana का मुख्य आकर्षण है वार्षिक आय ₹8,00,000 तक के परिवारों के छात्रों को मिलने वाला 3% का ब्याज अनुदान (Interest Subvention)। कनारा बैंक को नोडल बैंक के रूप में नियुक्त किया गया है। यदि आप या आपका कोई जानने वाला किसी क्यूएचईआई में प्रवेश पाने में कामयाब हुआ है, तो PM Vidyalaxmi Yojana आपकी शिक्षा यात्रा को आसान बना सकती है।
योजना का उद्देश्य
PM Vidyalaxmi Yojana का मुख्य लक्ष्य स्पष्ट और सरल है: भारत के किसी भी प्रतिभाशाली युवा को वित्तीय अभावों के कारण गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा हासिल करने से न रोका जाए। उच्च शिक्षा, खासकर तकनीकी और प्रोफेशनल कोर्सेज की बढ़ती फीस ने कई मेधावी छात्रों के लिए सपनों की पढ़ाई को मुश्किल बना दिया है। पारंपरिक बैंक ऋण अक्सर जटिल प्रक्रियाओं, गारंटर या संपार्श्विक (कोलैटरल) की मांग और उच्च ब्याज दरों के कारण दुर्गम होते हैं। PM Vidyalaxmi Yojana इन्हीं चुनौतियों का समाधान करने के लिए एक क्रांतिकारी कदम है। यह योजना:
- गारंटर-मुक्त और कोलैटरल-मुक्त ऋण: छात्रों या उनके परिवारों को ऋण के लिए किसी तीसरे व्यक्ति की गारंटी या अपनी संपत्ति गिरवी रखने की जरूरत नहीं है। यह ऋण पूरी तरह से छात्र के भविष्य की कमाई क्षमता और उसके द्वारा चुने गए संस्थान की गुणवत्ता पर आधारित है।
- डिजिटल और सरल प्रक्रिया: पूरा आवेदन ऑनलाइन होता है, जिससे लंबी कतारों और कागजी कार्रवाई का झंझट खत्म होता है।
- किफायती वित्तपोषण: 3% का ब्याज अनुदान ऋण की लागत को काफी कम कर देता है, जिससे किश्तें (ईएमआई) हल्की हो जाती हैं।
- सरकारी समर्थन: ₹7.5 लाख तक के ऋण पर सरकार की 75% क्रेडिट गारंटी बैंकों को जोखिम कम करने में मदद करती है, जिससे योग्य छात्रों को आसानी से ऋण मिलता है।
PM Vidyalaxmi Yojana का उद्देश्य केवल ऋण देना नहीं, बल्कि देश के युवाओं को उनकी पूरी क्षमता हासिल करने में सक्षम बनाना है, चाहे उनकी आर्थिक पृष्ठभूमि कुछ भी हो। यह ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में एक मजबूत कदम है।
PM Vidyalaxmi Yojana के प्रमुख लाभ
PM Vidyalaxmi Yojana छात्रों को एक साधारण शिक्षा ऋण से कहीं अधिक प्रदान करती है। यह एक व्यापक वित्तीय सहायता पैकेज है जिसे विशेष रूप से भारत के शीर्ष संस्थानों में प्रवेश पाने वाले मेधावी छात्रों की जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार किया गया है। आइए इसके प्रमुख लाभों पर विस्तार से नजर डालें:
- कोलैटरल-मुक्त और गारंटर-मुक्त शिक्षा ऋण (Collateral-Free & Guarantor-Free Education Loan): यह योजना का सबसे बड़ा गेम-चेंजर है। छात्रों को ऋण के लिए किसी भी प्रकार की संपार्श्विक सुरक्षा (जैसे प्रॉपर्टी पेपर) या किसी तीसरे व्यक्ति (गारंटर) की आवश्यकता नहीं होती है। ऋण पूरी तरह से छात्र के प्रवेश के मेरिट, चुने गए कोर्स और संस्थान की गुणवत्ता पर आधारित होता है। यह उन छात्रों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद है जिनके पास पर्याप्त संपार्श्विक या उच्च आय वाले गारंटर नहीं हैं।
- ऋण राशि में लचीलापन (No Upper Limit on Loan Amount): PM Vidyalaxmi Yojana के तहत मिलने वाले ऋण की राशि पर कोई पूर्व निर्धारित ऊपरी सीमा नहीं है। ऋण की मंजूरी छात्र द्वारा चुने गए कोर्स की वास्तविक फीस और अन्य संबंधित खर्चों पर निर्भर करती है। इनमें शामिल हो सकते हैं:
- ट्यूशन फीस (रिफंडेबल और नॉन-रिफंडेबल दोनों)
- हॉस्टल फीस और मेस चार्जेज
- किताबें और स्टडी मटेरियल
- यूनिफॉर्म
- प्रोजेक्ट/स्टडी टूर का खर्च
- लैपटॉप/कंप्यूटर खरीदने का खर्च (एक बार)
- रहने का खर्च (अगर हॉस्टल में नहीं रहते हैं)
- कोई अन्य संस्थान द्वारा अनिवार्य खर्च
संस्थान द्वारा प्रदान की गई फीस संरचना और खर्चों की विस्तृत सूची के आधार पर ऋण राशि तय की जाती है।
- सरकार की क्रेडिट गारंटी (Credit Guarantee by Govt. of India): सरकार ने बैंकों को दिए जाने वाले जोखिम को कम करने और योजना को सफल बनाने के लिए एक मजबूत सुरक्षा जाल प्रदान किया है। ₹7,50,000 तक के ऋण राशि पर भारत सरकार 75% की क्रेडिट गारंटी प्रदान करती है। यह गारंटी छात्र के परिवार की वार्षिक आय की परवाह किए बिना लागू होती है। इसका मतलब यह है कि अगर किसी कारणवश ऋण चुकाने में डिफॉल्ट होता है, तो सरकार बैंक को ऋण राशि के 75% तक की क्षतिपूर्ति करेगी। यह बैंकों को बिना किसी डर के योग्य छात्रों को ऋण देने के लिए प्रोत्साहित करता है।
- 3% ब्याज अनुदान (3% Interest Subvention): यह योजना का सबसे आकर्षक पहलू है। जिन छात्रों के परिवार की वार्षिक आय ₹8,00,000 तक है, उन्हें मोरेटोरियम अवधि (पढ़ाई की अवधि और कोर्स खत्म होने के बाद का एक वर्ष) के दौरान, अधिकतम ₹10,00,000 तक के ऋण पर 3% का ब्याज अनुदान मिलता है।
- कैसे काम करता है? मान लीजिए बैंक की लागू ब्याज दर 10% प्रति वर्ष है। 3% अनुदान मिलने पर, छात्र को वास्तव में केवल 7% ब्याज देना होगा। बाकी 3% की राशि सरकार द्वारा बैंक को भुगतान की जाएगी। इससे छात्र पर कर्ज का बोझ काफी कम हो जाता है।
- नवीनतम अपडेट: ब्याज अनुदान का भुगतान: एक महत्वपूर्ण अपडेट के रूप में, ब्याज अनुदान की राशि अब लाभार्थी के पीएम-विद्यालक्ष्मी डिजिटल रुपी ऐप (CBDC वॉलेट) में जमा की जाएगी। लाभार्थी को इस ऐप पर जाकर इस राशि को ‘रीडीम’ करना होगा। रीडीम करने के बाद ही यह राशि सीधे लाभार्थी के ऋण खाते में स्थानांतरित होगी। यह प्रक्रिया पारदर्शिता बढ़ाने और सीधे लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू की गई है। (Fact Check: यह जानकारी योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध दिशा-निर्देशों के अनुरूप है।)
- पीएम-यूएसपी सीएसआईएस के साथ तालमेल (Synergy with PM-USP CSIS): यह योजना मौजूदा प्रधानमंत्री उच्च शिक्षा अभियान केंद्रीय क्षेत्र की योजना (PM-USP CSIS) के साथ मिलकर काम करती है। पीएम-यूएसपी सीएसआईएस के तहत, तकनीकी/पेशेवर पाठ्यक्रमों में पढ़ने वाले छात्रों को, जिनके परिवार की वार्षिक आय ₹4,50,000 तक है, उन्हें पहले से ही मोरेटोरियम अवधि के दौरान पूर्ण ब्याज अनुदान (Full Interest Subvention) मिलता है। PM Vidyalaxmi Yojana आय सीमा को ₹8,00,000 तक बढ़ाती है और इन छात्रों को अतिरिक्त 3% ब्याज अनुदान प्रदान करती है (क्योंकि वे पहले से ही पूर्ण ब्याज अनुदान के हकदार हैं, इसलिए अलग से 3% की जरूरत नहीं है)। यह मुख्य रूप से उन छात्रों के लिए है जिनकी पारिवारिक आय ₹4,50,001 से ₹8,00,000 के बीच है और जो पीएम-यूएसपी सीएसआईएस के तहत पूर्ण ब्याज छूट के पात्र नहीं हैं।
- ब्याज दर पर सीमा (Capped Interest Rate): योजना के तहत दिए जाने वाले ऋणों पर ब्याज दर बैंक की बाह्य रूप से बेंचमार्क की गई उधार दर (EBLR) + 0.5% से अधिक नहीं हो सकती है। ईबीएलआर आमतौर पर रेपो रेट जैसे बाहरी बेंचमार्क से जुड़ी होती है, जो इसे बाजार के अनुकूल और पारदर्शी बनाती है। यह सुनिश्चित करता है कि छात्रों से अत्यधिक ब्याज दर न वसूली जाए।
- अतिरिक्त ब्याज रियायत (Additional Interest Concession): योजना छात्रों को और प्रोत्साहित करती है। यदि छात्र अपनी पढ़ाई की अवधि और मोरेटोरियम अवधि के दौरान ऋण पर ब्याज का भुगतान करता है, तो उसे अधिकतम 1% की अतिरिक्त ब्याज रियायत मिल सकती है। यह छात्रों को जल्दी ब्याज भुगतान शुरू करने के लिए प्रेरित करता है, जिससे अंततः उनकी कुल ऋण लागत कम हो जाती है और चुकौती अवधि आसान हो जाती है।
- लंबी चुकौती अवधि (Extended Repayment Period): ऋण चुकाने के लिए छात्रों को मोरेटोरियम अवधि समाप्त होने के बाद अधिकतम 15 वर्ष का समय मिलता है। मोरेटोरियम अवधि में कोर्स की अवधि और कोर्स पूरा होने के बाद का एक साल शामिल है। यह लंबी चुकौती अवधि ईएमआई को काफी कम और प्रबंधनीय बना देती है, खासकर उच्च ऋण राशि के मामले में। छात्रों को नौकरी पाने और आर्थिक रूप से स्थिर होने के लिए पर्याप्त समय मिल जाता है।
इन लाभों को समेटें तो PM Vidyalaxmi Yojana न केवल शिक्षा ऋण की उपलब्धता को आसान बनाती है, बल्कि इसे अत्यधिक किफायती और प्रबंधनीय भी बनाती है, जिससे देश के मेधावी छात्रों के सपने साकार हो सकें।

नीचे दिए गए PM Vidyalaxmi Yojana के प्रमुख लाभों का सारांश एक सुव्यवस्थित तालिका (table) के रूप में प्रस्तुत है ताकि आप आसानी से हर फ़ायदे को देख सकें:
📊 PM Vidyalaxmi Yojana – प्रमुख लाभों का सारांश
| लाभ | विवरण |
|---|---|
| 🛡️ कोलैटरल-मुक्त ऋण | ऋण के लिए किसी संपत्ति या गारंटर की आवश्यकता नहीं |
| 💸 ऋण राशि में लचीलापन | कोई पूर्व निर्धारित ऊपरी सीमा नहीं; कोर्स की फीस के अनुसार तय |
| 🏛️ सरकारी क्रेडिट गारंटी | ₹7.5 लाख तक की ऋण राशि पर भारत सरकार द्वारा 75% गारंटी |
| 📉 3% ब्याज अनुदान | वार्षिक आय ₹8 लाख तक वाले छात्रों को ₹10 लाख तक के ऋण पर 3% ब्याज रियायत |
| 🏦 PM-USP CSIS के साथ तालमेल | ₹4.5–8 लाख आय वाले छात्रों को अतिरिक्त लाभ |
| 📊 ब्याज दर पर सीमा | बैंक की EBLR + 0.5% से अधिक नहीं; पारदर्शी दर |
| 🎁 अतिरिक्त 1% ब्याज रियायत | मोरेटोरियम अवधि में ब्याज चुकाने पर अधिकतम 1% अतिरिक्त छूट |
| ⏳ लंबी चुकौती अवधि | मोरेटोरियम के बाद 15 वर्षों तक ऋण चुकाने की सुविधा |
| 📲 CBDC ऐप से अनुदान रीडीम | डिजिटल रुपी ऐप में ब्याज अनुदान की राशि जमा, जिसे रीडीम कर ऋण में लगाया जा सकता है |
पात्रता मानदंड
PM Vidyalaxmi Yojana के लाभ पाने के लिए, छात्रों और उनके द्वारा चुने गए शैक्षणिक संस्थान दोनों को विशिष्ट पात्रता शर्तों को पूरा करना होगा। ये शर्तें यह सुनिश्चित करने के लिए डिज़ाइन की गई हैं कि योजना का लाभ सही लाभार्थियों तक पहुंचे और उन्हीं गुणवत्तापूर्ण संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों को मिले जिनके लिए यह योजना बनाई गई है।
छात्रों के लिए पात्रता
- भारतीय नागरिकता: आवेदक भारत का नागरिक होना चाहिए।
- मेरिट-आधारित प्रवेश: आवेदक को भारत में सरकार द्वारा निर्धारित 860 गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षण संस्थानों (QHEIs) में से किसी एक में अपने मेरिट (योग्यता) के आधार पर प्रवेश प्राप्त होना चाहिए। प्रवेश किसी प्रवेश परीक्षा, योग्यता सूची या संस्थान द्वारा निर्धारित मानकों के आधार पर होना चाहिए। प्रवेश पत्र में यह स्पष्ट होना चाहिए कि प्रवेश मेरिट पर है।
- मैनेजमेंट कोटा से प्रवेश नहीं: आवेदक को मैनेजमेंट कोटा, एनआरआई कोटा या इसी तरह के किसी विशेष कोटे के तहत प्रवेश नहीं मिला होना चाहिए। योजना का लाभ केवल मेरिट पर प्रवेश पाने वाले छात्रों के लिए है।
- पारिवारिक आय सीमा: 3% ब्याज अनुदान पाने के लिए, आवेदक के परिवार की वार्षिक आय ₹8,00,000 तक होनी चाहिए। आय प्रमाण पत्र (Income Certificate) राज्य सरकार के नामित प्राधिकारी (जैसे तहसीलदार, एसडीएम, राजस्व अधिकारी) द्वारा जारी किया गया होना चाहिए। ध्यान दें: ऋण और क्रेडिट गारंटी के लिए आय सीमा अनिवार्य नहीं है, लेकिन ब्याज अनुदान के लिए यह अनिवार्य शर्त है।
- किसी अन्य सरकारी स्कॉलरशिप/अनुदान का लाभ न लेना: आवेदक किसी अन्य केंद्रीय या राज्य सरकार की छात्रवृत्ति (Scholarship), ब्याज अनुदान योजना (Interest Subvention Scheme) या फीस प्रतिपूर्ति (Fee Reimbursement Scheme) का लाभ नहीं ले रहा होना चाहिए। छात्र केवल एक ही सरकारी वित्तीय सहायता का लाभ उठा सकता है।
- कोर्स बीच में न छोड़ना: आवेदक को अपना कोर्स बीच में नहीं छोड़ना चाहिए और न ही संस्थान द्वारा अनुशासनात्मक या शैक्षणिक आधार पर निष्कासित किया जाना चाहिए। ऐसा होने पर ऋण अनुदान और अन्य लाभ रद्द हो सकते हैं।
- संतोषजनक शैक्षणिक प्रदर्शन: ब्याज अनुदान जारी रखने के लिए, छात्र को अपने कोर्स में संतोषजनक शैक्षणिक प्रदर्शन बनाए रखना होगा। आमतौर पर, यह प्रथम वर्ष के बाद से प्रत्येक वर्ष/सेमेस्टर में एक न्यूनतम पास प्रतिशत (जैसे 50% या संस्थान का न्यूनतम पास मानदंड) हासिल करने से जुड़ा होता है। संस्थान द्वारा जारी किए गए मार्कशीट या प्रगति प्रमाण पत्र के आधार पर इसकी जांच की जाएगी।
- एक बार का लाभ: कोई भी छात्र ब्याज अनुदान और क्रेडिट गारंटी का लाभ केवल एक बार ही उठा सकता है। यह लाभ चाहे स्नातक (UG), स्नातकोत्तर (PG) या एकीकृत (Integrated) कोर्स के लिए ही क्यों न हो। एक बार लाभ लेने के बाद, दूसरे कोर्स के लिए योजना के तहत फिर से लाभ नहीं मिलेगा।
गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षण संस्थानों (QHEIs) के लिए पात्रता (For Quality Higher Education Institutions):
छात्र केवल तभी योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं जब उन्हें निम्नलिखित श्रेणियों में आने वाले संस्थानों में प्रवेश मिला हो। इन संस्थानों की सूची आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है और इसमें शामिल हैं:
- एनआईआरएफ रैंकिंग में टॉप संस्थान:
- शिक्षा मंत्रालय द्वारा प्रकाशित नवीनतम राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (NIRF) की समग्र (Overall) रैंकिंग में शीर्ष 100 उच्च शैक्षणिक संस्थान (HEIs)।
- या एनआईआरएफ की श्रेणी-विशिष्ट (Category-Specific) रैंकिंग (जैसे इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, यूनिवर्सिटीज, कॉलेजेज, फार्मेसी आदि) में शीर्ष 100 संस्थान।
- या एनआईआरएफ की डोमेन-विशिष्ट (Domain-Specific) रैंकिंग में शीर्ष 100 संस्थान।
- राज्य/केंद्र शासित प्रदेश सरकारों के अंतर्गत शीर्ष संस्थान: नवीनतम एनआईआरएफ रैंकिंग में, राज्य या केंद्र शासित प्रदेश सरकारों के प्रशासनिक नियंत्रण वाले शीर्ष 200 उच्च शैक्षणिक संस्थान (HEIs)। इनमें राज्य विश्वविद्यालय और उनसे संबद्ध कॉलेज शामिल हो सकते हैं।
- केंद्र सरकार के अंतर्गत सभी शेष संस्थान: भारत सरकार के प्रशासनिक नियंत्रण वाले सभी अन्य उच्च शैक्षणिक संस्थान, भले ही वे एनआईआरएफ की शीर्ष 100 या 200 सूची में शामिल हों या न हों। इसमें केंद्रीय विश्वविद्यालय, आईआईटी, एनआईटी, आईआईएसईआर, आईआईएससी आदि शामिल हैं।
Important Exclusions
- विदेशी संस्थान: भारत में स्थित विदेशी शिक्षा संस्थानों के कैंपस (Indian campuses of foreign education institutions)।
- विदेशी कैंपस: विदेश में स्थित भारतीय शिक्षा संस्थानों के कैंपस (Foreign campuses of Indian education institutions)।
- विदेशी संस्थान: विदेश में स्थित कोई भी विदेशी शिक्षा संस्थान (Foreign education institutions)।
इन सख्त पात्रता मानदंडों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजना का लाभ उन्हीं छात्रों को मिले जो वास्तव में मेधावी हैं और देश के सर्वोत्तम शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ रहे हैं, तथा साथ ही यह सरकारी संसाधनों का कुशल उपयोग भी सुनिश्चित करना है।
आवेदन प्रक्रिया
PM Vidyalaxmi Yojana की पूरी आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन और डिजिटल है, जिसे विशेष रूप से छात्र-अनुकूल बनाया गया है। यहाँ आपको पूरी प्रक्रिया समझाने के लिए चरण दर चरण गाइड दी गई है:
1. पंजीकरण (Registration):
- चरण 1: PM Vidyalaxmi Yojana की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ:
https://pmvidyalaxmi.co.in/(हमेशा सीधे इस लिंक का उपयोग करें या भरोसेमंद स्रोतों से लिंक की पुष्टि करें ताकि फ्रॉड वेबसाइट से बच सकें।) - चरण 2: होमपेज के ऊपरी दाएं कोने में मौजूद “लॉगिन” (Login) बटन पर क्लिक करें। ड्रॉपडाउन मेनू से “स्टूडेंट लॉगिन” (Student Login) चुनें। अगले पेज पर, “क्रिएट एन अकाउंट” (Create an Account) लिंक पर क्लिक करें। आप “स्टूडेंट रजिस्ट्रेशन” (Student Registration) पेज पर पहुँच जाएंगे।
- चरण 3: PM Vidyalaxmi Yojana के तहत शिक्षा ऋण, ब्याज अनुदान और क्रेडिट गारंटी कवरेज जैसे लाभ प्राप्त करने के लिए, छात्र को आधार (Aadhaar) के माध्यम से पंजीकरण करना होगा। पंजीकरण के बाद, यदि पात्र हों तो वे ब्याज अनुदान के लिए भी आवेदन कर सकते हैं।
- चरण 4: रजिस्ट्रेशन फॉर्म में निम्नलिखित अनिवार्य विवरण भरें:
- आवेदक का नाम (Applicant Name)
- मोबाइल नंबर (Mobile Number)
- ईमेल आईडी (Email ID)
- ओटीपी (OTP) के जरिए मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी को सत्यापित (Verify) करें।
- एक मजबूत पासवर्ड बनाएं। यह कम से कम 8 अक्षरों का होना चाहिए और इसमें अपरकेस और लोअरकेस अक्षरों (A-Z, a-z), संख्याओं (0-9) और विशेष अक्षरों (जैसे @, #, $) का संयोजन होना चाहिए। (याद रखें: पासवर्ड सुरक्षित जगह नोट कर लें!)
- चरण 5: पासवर्ड की पुष्टि करें (Confirm Password), कैप्चा कोड (Captcha Code) भरें, “नियम और गोपनीयता” (Terms & Privacy) से सहमत होने के लिए टिक करें, और “सबमिट” (Submit) बटन पर क्लिक करें। पंजीकरण सफल होने पर आपको एसएमएस/ईमेल/व्हाट्सएप पर एक पुष्टिकरण संदेश (Confirmation Message) प्राप्त होगा। यह आपका यूजर आईडी (आपका रजिस्टर्ड ईमेल) और पासवर्ड होगा, जिसके साथ आप भविष्य में लॉग इन कर सकते हैं।
2. शिक्षा ऋण के लिए आवेदन (Application for Education Loan):
- चरण 1: PM Vidyalaxmi Yojana की आधिकारिक वेबसाइट (
https://pmvidyalaxmi.co.in/) पर जाएँ। - चरण 2: ऊपरी दाएं कोने में “लॉगिन” (Login) > “स्टूडेंट लॉगिन” (Student Login) पर क्लिक करें। लॉगिन स्क्रीन पर, अपना यूजर आईडी (आपका रजिस्टर्ड ईमेल) और पासवर्ड (Login Details) दर्ज करें।
- चरण 3: कैप्चा कोड भरें, “नियम और गोपनीयता” से सहमति दें, और “लॉगिन” (Login) बटन पर क्लिक करें। आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर / ईमेल आईडी पर भेजे गए ओटीपी (OTP) को दर्ज करें और सत्यापित करें।
- चरण 4: लॉगिन करने के बाद, आप “स्टूडेंट्स होमपेज” (Student’s Homepage) पर पहुँचेंगे। यहाँ मेनू से “एजुकेशन लोन के लिए आवेदन करें” (Apply for Education Loan) विकल्प पर क्लिक करें। आपको योजना के ऑनलाइन आवेदन फॉर्म पर ले जाया जाएगा।
- चरण 5: आवेदन फॉर्म में सभी अनिवार्य फील्ड्स (Mandatory Fields) को ध्यानपूर्वक भरें। इसमें आपका व्यक्तिगत विवरण, शैक्षणिक योग्यता, परिवार का विवरण, आय विवरण, कोर्स और संस्थान का विवरण, आवश्यक ऋण राशि आदि शामिल होंगे। सभी अनिवार्य दस्तावेजों (Mandatory Documents) को निर्दिष्ट फॉर्मेट (जैसे PDF, JPEG, PNG) और साइज (आमतौर पर प्रति फाइल 200KB से 2MB तक) में अपलोड करें। (दस्तावेजों की सूची अगले सेक्शन में दी गई है)।
- चरण 6: ड्रॉपडाउन सूची से अपनी पसंदीदा बैंक और शाखा का चयन करें। (ध्यान दें: सभी साझेदार बैंकों की सूची पोर्टल पर उपलब्ध होगी)। आवेदन जमा करने से पहले, प्रदान किए गए सभी विवरणों और अपलोड किए गए दस्तावेजों को बहुत ध्यान से जांचें (Carefully Review)। कोई भी आवश्यक सुधार अभी कर लें।
- चरण 7: नियम और शर्तों (Terms and Conditions) और गोपनीयता नीति (Privacy Policy) को स्वीकार करने के लिए टिक करें (यदि कोई हो)। फिर “फाइनल सबमिट” (Final Submit) बटन पर क्लिक करके अपना आवेदन जमा कर दें। आवेदन सफलतापूर्वक जमा होने पर आपको एक पुष्टिकरण संदेश (Confirmation Message) प्राप्त होगा और एक आवेदन संदर्भ नंबर (Application Reference Number) मिलेगा। इस नंबर को सुरक्षित रखें क्योंकि भविष्य में ट्रैकिंग के लिए इसकी आवश्यकता होगी।
3. ऋण आवेदन स्थिति ट्रैक करें (Track Loan Application Status):
- चरण 1: अपने पीएम विद्यालक्ष्मी खाते में लॉगिन करें।
- चरण 2: “स्टूडेंट्स होमपेज” (Student’s Homepage) पर, मेनू से “ट्रैक लोन एप्लीकेशन” (Track Loan Application) सेक्शन पर क्लिक करें।
- चरण 3: ड्रॉपडाउन सूची से अपना ऋण आवेदन संख्या (Loan Application Number) चुनें।
- चरण 4: आपके आवेदन की वर्तमान स्थिति (जैसे “रिव्यू अवस्था में / Under Review”, “स्वीकृत / Approved”, “वितरित / Disbursed”) प्रदर्शित होगी। अपने आवेदन की एक प्रति डाउनलोड करने के लिए, “डाउनलोड एप्लीकेशन पीडीएफ” (Download Application PDF) पर क्लिक करें।
4. ब्याज अनुदान के लिए आवेदन (Apply for Interest Subvention):
- चरण 1: एक बार जब बैंक द्वारा आपके शिक्षा ऋण को मंजूरी दे दी जाती है और राशि आपके संस्थान के खाते में या आपको (जैसा निर्धारित हो) वितरित (Sanctioned and Disbursed) कर दी जाती है, तो “पीएम-विद्यालक्ष्मी” वेबसाइट पर फिर से लॉग इन करें।
- चरण 2: “स्टूडेंट्स होमपेज” (Student’s Homepage) पर, मेनू से “ब्याज अनुदान के लिए आवेदन करें” (Apply for Interest Subvention) विकल्प चुनें।
- चरण 3: “ब्याज अनुदान का दावा करें” (Claim Interest Subvention) बटन पर क्लिक करें और आवश्यक विवरण भरें (जैसे ऋण विवरण, संस्थान विवरण आदि)।
- चरण 4: आय प्रमाण पत्र (Income Certificate) (राज्य के नामित प्राधिकारी द्वारा जारी) या अनुलग्नक 6 (Annexure 6) (आपके संस्थान द्वारा प्रदान किया गया प्रमाण पत्र, यदि आय प्रमाण पत्र संस्थान को पहले ही जमा कराया गया है) अपलोड करें। (अनुलग्नक 6 की प्रोफार्मा संस्थान या पोर्टल पर उपलब्ध होगी)।
- चरण 5: फॉर्म सबमिट करें। आपको एसएमएस/ईमेल/व्हाट्सएप पर सबमिशन की पुष्टि प्राप्त होगी। ब्याज अनुदान प्रक्रिया आगे बढ़ेगी और अनुमोदन के बाद सीधे आपके सीबीडीसी वॉलेट में जमा कर दिया जाएगा (रीडीम करने पर)।
5. शिकायत दर्ज करें (Raise a Grievance):
यदि आवेदन प्रक्रिया, ऋण प्रसंस्करण, अनुदान भुगतान या किसी अन्य मामले में कोई समस्या आती है, तो आप आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
- चरण 1: “स्टूडेंट्स होमपेज” (Student’s Homepage) पर मेनू से “शिकायत प्रारंभ करें” (Initiate Grievance) सेक्शन पर जाएं। “नई शिकायत दर्ज करें” (Register New Complaint) पर क्लिक करें।
- चरण 2: अपना ऋण आवेदन संख्या (Loan Application Number) दर्ज करें। शिकायत का प्रकार (Grievance Type – जैसे ऋण, अनुदान, पोर्टल संबंधी) और उप-प्रकार (Subtype) चुनें। संबंधित बैंक (Bank Involved) का चयन करें।
- चरण 3: समस्या का विस्तार से विवरण (Describe the Issue) दें। समर्थन करने वाले दस्तावेज (Supporting Documents) (PDF/JPEG/PNG, अधिकतम 200KB) अपलोड करें। शिकायत सबमिट करें। आपको एक शिकायत आईडी (Grievance ID) प्राप्त होगी, जिसका उपयोग आप शिकायत की स्थिति ट्रैक करने के लिए कर सकते हैं। “उत्तर देखें” (View Reply) के तहत स्थिति की जांच करें। यदि शिकायत का समाधान नहीं होता है, तो आप इसे फिर से दर्ज कर सकते हैं (Re-raise the Complaint)।
शिकायत निवारण (Grievance Redressal):
शिकायतों के लिए, आप नोडल बैंक कनारा बैंक से निम्नलिखित तरीकों से संपर्क कर सकते हैं:
- टोल-फ्री नंबर: 1800 1031
- टेलीफोन नंबर: 080- 22533876
- ईमेल:
hoel@canarabank.comhogps@canarabank.comsupport@pmvidyalaxmi.co.in
आवेदन प्रक्रिया सीधी है, लेकिन सटीकता महत्वपूर्ण है। सभी विवरण ध्यान से भरें और दस्तावेज स्पष्ट और पूर्ण अपलोड करें। आवेदन संख्या और शिकायत आईडी को सुरक्षित रखना न भूलें।
आवश्यक दस्तावेज
PM Vidyalaxmi Yojana के तहत शिक्षा ऋण के लिए आवेदन करते समय या ब्याज अनुदान का दावा करते समय, आपको निम्नलिखित दस्तावेजों को ऑनलाइन आवेदन पोर्टल पर स्कैन कॉपी के रूप में अपलोड करने की आवश्यकता होगी। ये दस्तावेज आपकी पहचान, पता, शैक्षणिक योग्यता, प्रवेश और वित्तीय स्थिति को सत्यापित करने के लिए जरूरी हैं:
- आधार कार्ड (Aadhaar Card): आवेदक का वैध आधार कार्ड। यह पहचान और पते के प्रमाण के रूप में कार्य करता है (यदि पता मिलता हुआ है)।
- पैन कार्ड (PAN Card): आवेदक का वैध पैन कार्ड। यदि आवेदक के पास पैन कार्ड नहीं है, तो आवेदक के पिता/माता/अभिभावक का पैन कार्ड आवश्यक हो सकता है। (बैंक की आवश्यकता के अनुसार)।
- पते का प्रमाण (Address Proof): यदि आधार कार्ड पर पता वर्तमान नहीं है, तो किसी अन्य वैध दस्तावेज जैसे मतदाता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट, यूटिलिटी बिल (बिजली/पानी का बिल, जिसमें आवेदक या माता-पिता का नाम और पता हो) की आवश्यकता होगी।
- पिछली शैक्षणिक योग्यता के अंक पत्र (Previous Qualifying Marksheets – Self-attested): आवेदक द्वारा हस्ताक्षरित (Self-attested) स्कैन कॉपी। उदाहरण के लिए:
- 12वीं कक्षा की मार्कशीट (स्नातक कोर्स के लिए)
- स्नातक की डिग्री और सभी सेमेस्टर/वर्ष की मार्कशीट (स्नातकोत्तर कोर्स के लिए)
- प्रासंगिक डिप्लोमा/डिग्री के अंक पत्र (यदि लागू हो)।
- प्रवेश परीक्षा परिणाम (Entrance Exam Result): वह प्रवेश परीक्षा का स्कोरकार्ड या परिणाम जिसके आधार पर संस्थान में प्रवेश मिला है (जैसे JEE Main, NEET, CAT, MAT, GATE, संस्थान-विशिष्ट प्रवेश परीक्षा आदि)।
- ऑफर लेटर (Offer Letter): गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षण संस्थान (QHEI) द्वारा जारी किया गया प्रवेश पत्र (Admission Letter/Offer Letter)। यह पत्र यह स्पष्ट रूप से बताता हो कि प्रवेश मेरिट पर है (Not through Management Quota)। इस ऑफर लेटर के साथ संस्थान द्वारा प्रदान की गई विस्तृत फीस संरचना (Fee Structure) का होना अनिवार्य है। फीस संरचना में ट्यूशन फीस, हॉस्टल फीस, अन्य अनिवार्य शुल्क, परीक्षा शुल्क आदि का स्पष्ट उल्लेख होना चाहिए।
- आय प्रमाण पत्र (Income Certificate): ब्याज अनुदान के लिए यह अनिवार्य है। यह प्रमाण पत्र राज्य सरकार के नामित प्राधिकारी (Designated Public Authority) जैसे तहसीलदार, एसडीएम, जिला मजिस्ट्रेट, राजस्व अधिकारी द्वारा जारी किया गया होना चाहिए। इसमें परिवार की कुल वार्षिक आय ₹8,00,000 से कम या बराबर दर्शाई गई हो। प्रमाण पत्र में आवेदक और माता-पिता/अभिभावक का नाम होना चाहिए।
अत्यंत महत्वपूर्ण सुविधा (Important Facility):
- यदि छात्र ने प्रवेश के समय ही संस्थान (QHEI) को उपरोक्त में से कुछ दस्तावेज (जैसे आधार, पैन, अंक पत्र, प्रवेश परीक्षा परिणाम, आय प्रमाण पत्र) पहले ही जमा कर दिए हैं, तो छात्र को बैंक या पोर्टल पर केवल शेष दस्तावेज ही जमा करने होंगे।
- इस स्थिति में, छात्र को संस्थान से अनुलग्नक 6 (Annexure 6) में दी गई प्रोफार्मा के अनुसार एक प्रमाण पत्र (Certificate) प्राप्त करना होगा। यह प्रमाण पत्र यह सत्यापित करेगा कि कौन से दस्तावेज संस्थान के पास पहले से जमा हैं और उनकी सत्यापित प्रतियां संस्थान के फाइल में उपलब्ध हैं।
- छात्र को इस अनुलग्नक 6 प्रमाण पत्र को पीएम विद्यालक्ष्मी पोर्टल पर अपलोड करना होगा। केवल वे दस्तावेज जो संस्थान को पहले नहीं दिए गए हैं या जो प्रमाण पत्र में शामिल नहीं हैं, उन्हें छात्र द्वारा सीधे पोर्टल पर अपलोड करने की आवश्यकता होगी।
दस्तावेजों के लिए सामान्य दिशा-निर्देश:
- सभी दस्तावेजों की स्कैन कॉपी स्पष्ट, पठनीय और पूर्ण होनी चाहिए।
- फाइल्स को निर्दिष्ट फॉर्मेट (PDF, JPG, JPEG, PNG) में और साइज लिमिट (आमतौर पर प्रति फाइल 200KB से 2MB) के भीतर अपलोड करें।
- स्व-प्रमाणित (Self-attested) का अर्थ है कि आवेदक ने दस्तावेज की फोटोकॉपी पर “स्व-प्रमाणित सत्य प्रति है” लिखकर अपने हस्ताक्षर और तारीख डाली है।
- मूल दस्तावेजों को बैंक/संस्थान द्वारा सत्यापन के लिए बाद में मांगे जाने पर प्रस्तुत करने के लिए तैयार रखें।
ये दस्तावेज योजना के तहत आपकी पात्रता और ऋण/अनुदान के दावे को सत्यापित करने का आधार हैं। इन्हें पूर्ण और सटीक रूप से जमा करना आवश्यक है।
FAQs
PM Vidyalaxmi Yojana क्या है?
PM Vidyalaxmi Yojana भारत सरकार की एक पहल है जो देश के शीर्ष 860 गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षण संस्थानों (QHEIs) में मेरिट पर प्रवेश पाने वाले छात्रों को कोलैटरल-मुक्त और गारंटर-मुक्त शिक्षा ऋण प्रदान करती है। इसमें ₹8 लाख तक वार्षिक आय वाले परिवारों के छात्रों को 3% ब्याज अनुदान का प्रावधान है। यह पूरी तरह से डिजिटल योजना है।
PM Vidyalaxmi Yojana के तहत अधिकतम कितना ऋण मिल सकता है? क्या कोई ऊपरी सीमा है?
PM Vidyalaxmi Yojana के तहत ऋण की राशि की कोई पूर्व-निर्धारित ऊपरी सीमा नहीं है। ऋण की मंजूरी छात्र द्वारा चुने गए कोर्स की वास्तविक फीस और अन्य संबंधित खर्चों (जैसे हॉस्टल, मेस, किताबें, लैपटॉप, परियोजना खर्च, रहने का खर्च आदि) पर निर्भर करती है, जो संस्थान द्वारा प्रदान की गई फीस संरचना में दर्शाए जाते हैं।
ब्याज अनुदान (Interest Subvention) क्या है और कौन पाने के पात्र है?
ब्याज अनुदान का मतलब है कि सरकार ऋण पर लगने वाले ब्याज का एक हिस्सा स्वयं वहन करती है। PM Vidyalaxmi Yojana के तहत, जिन छात्रों के परिवार की वार्षिक आय ₹8,00,000 तक है, उन्हें मोरेटोरियम अवधि (पढ़ाई का समय + एक साल) के दौरान, अधिकतम ₹10,00,000 तक के ऋण पर 3% का ब्याज अनुदान मिलता है। मतलब, अगर बैंक की दर 10% है तो छात्र को सिर्फ 7% ब्याज देना होगा।
क्रेडिट गारंटी (Credit Guarantee) क्या है?
क्रेडिट गारंटी सरकार द्वारा बैंकों को दिया जाने वाला एक आश्वासन है। ₹7,50,000 तक के ऋण पर भारत सरकार 75% की क्रेडिट गारंटी प्रदान करती है। यानी अगर छात्र ऋण चुकाने में चूक करता है, तो सरकार बैंक को ऋण राशि के 75% तक का भुगतान करेगी। यह बैंकों को जोखिम कम करने में मदद करता है और छात्रों को आसानी से ऋण मिलता है। यह गारंटी परिवार की आय पर निर्भर नहीं है।
क्या मुझे ऋण के लिए कोई गारंटर या संपार्श्विक (जमानत/गिरवी) देना होगा?
नहीं। PM Vidyalaxmi Yojana का सबसे बड़ा लाभ यही है कि यह पूरी तरह से कोलैटरल-फ्री और गारंटर-फ्री है। आपको किसी तीसरे व्यक्ति की गारंटी या अपनी कोई संपत्ति गिरवी रखने की जरूरत नहीं है। ऋण आपके मेरिट, प्रवेश और संस्थान की गुणवत्ता पर आधारित है।
पात्र संस्थान (QHEIs) कौन से हैं? मैं कैसे पता करूं कि मेरा संस्थान शामिल है?
पात्र संस्थानों में शामिल हैं: (1) नवीनतम एनआईआरएफ रैंकिंग में समग्र/श्रेणी-विशिष्ट/डोमेन-विशिष्ट में शीर्ष 100 संस्थान, (2) राज्य/केंद्र शासित प्रदेश सरकारों के अंतर्गत एनआईआरएफ में शीर्ष 200 संस्थान, (3) केंद्र सरकार के अंतर्गत सभी अन्य संस्थान। विदेशी संस्थान शामिल नहीं हैं। पात्र संस्थानों की अद्यतन सूची योजना की आधिकारिक वेबसाइट (https://pmvidyalaxmi.co.in/) पर उपलब्ध है। आवेदन से पहले जरूर चेक कर लें।
क्या मैं मैनेजमेंट कोटे या डोनेशन के जरिए मिले प्रवेश पर भी PM Vidyalaxmi Yojana का लाभ ले सकता हूँ?
नहीं। योजना का लाभ केवल उन्हीं छात्रों के लिए है जिन्हें संस्थान में अपने मेरिट (योग्यता) के आधार पर प्रवेश मिला है। मैनेजमेंट कोटा, एनआरआई कोटा, डोनेशन आदि के माध्यम से प्रवेश पाने वाले छात्र पात्र नहीं हैं।
ब्याज अनुदान कब और कैसे मिलेगा?
ब्याज अनुदान मोरेटोरियम अवधि (पढ़ाई का समय + कोर्स खत्म होने के बाद 1 साल) के दौरान लागू होता है। नवीनतम प्रक्रिया के अनुसार, अनुदान की राशि सीधे लाभार्थी के पीएम-विद्यालक्ष्मी डिजिटल रुपी ऐप (CBDC Wallet) में जमा की जाएगी। छात्र को इस ऐप पर जाकर राशि को ‘रीडीम’ करना होगा। रीडीम करने के बाद ही यह राशि उसके ऋण खाते में स्थानांतरित होगी, जिससे ऋण पर बकाया ब्याज कम हो जाएगा।
क्या मैं पहले से ही पीएम-यूएसपी सीएसआईएस (पूर्व में सेंट्रल सेक्टर स्कीम) का लाभ ले रहा हूँ, क्या मैं पीएम विद्यालक्ष्मी का भी लाभ ले सकता हूँ?
आप दोनों योजनाओं का एक साथ लाभ नहीं उठा सकते। यदि आपकी पारिवारिक आय ₹4.5 लाख तक है और आप तकनीकी/पेशेवर कोर्स में पढ़ रहे हैं, तो आप पीएम-यूएसपी सीएसआईएस के तहत पहले से ही पूर्ण ब्याज अनुदान के पात्र हैं। PM Vidyalaxmi Yojana मुख्यतः उन छात्रों के लिए है जिनकी पारिवारिक आय ₹4.5 लाख से अधिक लेकिन ₹8 लाख तक है और जो पीएम-यूएसपी सीएसआईएस के तहत पूर्ण ब्याज छूट के पात्र नहीं हैं। वे पीएम विद्यालक्ष्मी से 3% ब्याज अनुदान प्राप्त कर सकते हैं।
अगर मैंने स्नातक के लिए योजना का लाभ ले लिया, तो क्या मैं स्नातकोत्तर के लिए भी लाभ ले सकता हूँ?
नहीं। कोई भी छात्र ब्याज अनुदान और क्रेडिट गारंटी का लाभ केवल एक बार ही उठा सकता है, चाहे वह स्नातक (UG), स्नातकोत्तर (PG) या एकीकृत (Integrated) कोर्स के लिए ही क्यों न हो। एक बार लाभ लेने के बाद, दूसरे कोर्स के लिए योजना के तहत फिर से लाभ नहीं मिलेगा।
आवेदन प्रक्रिया में कितना समय लगता है?
आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन और डिजिटल है, जिससे समय बचता है। हालाँकि, ऋण के स्वीकृत होने और राशि के वितरित होने में लगने वाला समय बैंक, दस्तावेजों की पूर्णता और सत्यापन पर निर्भर करता है। आमतौर पर, सभी दस्तावेज सही होने पर प्रक्रिया तेज हो सकती है। पोर्टल पर अपनी आवेदन स्थिति ट्रैक करते रहें।
अगर मुझे आवेदन करने में कोई समस्या आती है या मेरी शिकायत है तो मैं किससे संपर्क करूं?
आप योजना पोर्टल पर “शिकायत प्रारंभ करें” सेक्शन में जाकर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा, आप नोडल बैंक कनारा बैंक से निम्न पर संपर्क कर सकते हैं:
टोल-फ्री नंबर: 1800 1031
टेलीफोन: 080- 22533876
ईमेल: hoel@canarabank.com, hogps@canarabank.com, support@pmvidyalaxmi.co.in
निष्कर्ष
पीएम विद्यालक्ष्मी योजना (PM Vidyalaxmi Yojana) भारत सरकार द्वारा देश के मेधावी छात्रों को उनकी उच्च शिक्षा के सपनों को साकार करने में आने वाली वित्तीय बाधाओं को दूर करने के लिए शुरू की गई एक वास्तविक गेम-चेंजर योजना है। यह केवल एक ऋण योजना नहीं है; यह एक व्यापक समाधान है जो गारंटर-मुक्त और कोलैटरल-मुक्त ऋण की सुविधा, किफायती ब्याज दरें (3% अनुदान के साथ), सरकार की क्रेडिट गारंटी, और एक पूर्णतः डिजिटल व सरल आवेदन प्रक्रिया प्रदान करती है।
PM Vidyalaxmi Yojana का ध्यान देश के शीर्ष 860 गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षण संस्थानों (QHEIs) में मेरिट पर प्रवेश पाने वाले छात्रों पर है, विशेषकर उन पर जो मध्यम आय वर्ग से आते हैं (पारिवारिक आय ₹8 लाख तक)। यह सुनिश्चित करती है कि वित्तीय सीमाएँ किसी प्रतिभाशाली छात्र के शैक्षणिक विकास में बाधा न बनें।
योजना के प्रमुख तत्व – जैसे ऋण राशि पर कोई ऊपरी सीमा न होना, लंबी चुकौती अवधि (15 वर्ष), और ब्याज अनुदान के भुगतान के लिए नवीन सीबीडीसी वॉलेट प्रणाली – इसे छात्रों के लिए अत्यंत आकर्षक और व्यावहारिक बनाते हैं। हालाँकि, पात्रता मानदंड, विशेष रूप से मेरिट-आधारित प्रवेश और आय सीमा, का सख्ती से पालन करना आवश्यक है।
अगर आपने या आपके किसी जानने वाले ने इन शीर्ष संस्थानों में प्रवेश पाया है और वित्तीय सहायता की जरूरत है, तो पीएम विद्यालक्ष्मी योजना सबसे पहले देखने वाला विकल्प होना चाहिए। आधिकारिक वेबसाइट (https://pmvidyalaxmi.co.in/) पर जाकर पात्र संस्थानों की सूची, पूर्ण पात्रता मानदंड और आवेदन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी प्राप्त करें। समय रहते सही दस्तावेजों के साथ आवेदन करना सुनिश्चित करें।
यह योजना देश के भविष्य – हमारे युवाओं – में निवेश करने और उन्हें ज्ञान की दुनिया में बिना किसी आर्थिक डर के आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करने की दिशा में एक सराहनीय कदम है। PM Vidyalaxmi Yojana वाकई में ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ और ‘सबका प्रयास’ के मंत्र को साकार करती हुई प्रतीत होती है।


